Friday, August 01, 2008

अब हर सोच में तुम हो

अब हर सोच में तुम हो।
अब हर ख्वाब में तुम हो
तुम छोड़ गयी हमें उस मोड़ पर,
जिस मोड़ पर हम जी रहे थे एक तुम्हारा ही भरोसा लेकर॥

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